रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भुज एयरबेस पर जवानों को किया संबोधित, ऑपरेशन सिंदूर की गूंज से पाकिस्तान में हलचल
भुज, 16 मई 2025: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयरबेस का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के जवानों को संबोधित किया और हाल ही में संपन्न हुए ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के लिए उनकी सराहना की। इस ऑपरेशन ने न केवल भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस नीति को भी दुनिया के सामने स्पष्ट किया।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की शक्ति का प्रतीक
रक्षा मंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर का नाम हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था। यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।” उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने मात्र 23 मिनट में पाकिस्तान की धरती पर आतंकवाद के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। “जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया,” राजनाथ सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, जिस पर जवानों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय वायुसेना की गूंज न केवल पाकिस्तान के हर कोने तक पहुंची, बल्कि रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के हेडक्वार्टर तक सुनाई दी।” ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने संयम और शौर्य का परिचय देते हुए आतंकी ढांचे को नष्ट किया, जबकि पाकिस्तान ने भारत के नागरिक क्षेत्रों, मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्चों को निशाना बनाने की कोशिश की।
पाकिस्तान को कड़ा संदेश: अभी सिर्फ ट्रेलर है
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। जो कुछ आपने देखा, वह सिर्फ ट्रेलर था। पूरी पिक्चर अभी बाकी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “नया भारत अब सहन नहीं करेगा। यह नया भारत पलटकर जवाब देगा।” राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को “आतंकवाद की शरणस्थली” करार देते हुए कहा कि वहां की सरकार और आतंकवाद का “चोली-दामन का साथ” पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी अपील की कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर पुनर्विचार करे। “पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता आतंकवाद को फंडिंग देने से कम नहीं है। IMF को इस पर रोक लगानी चाहिए।” उन्होंने चिंता जताई कि पाकिस्तान IMF से मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा आतंकी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ढांचे को फिर से खड़ा करने में इस्तेमाल करेगा।
भारत की आत्मनिर्भरता और ब्रह्मोस की ताकत
रक्षा मंत्री ने भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर गर्व जताया और कहा, “भारत अब विदेशी हथियारों पर निर्भर नहीं है। हमारे स्वदेशी हथियार, खासकर ब्रह्मोस मिसाइल, अभेद्य और अचूक हैं।” उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस की ताकत को पाकिस्तान ने भी स्वीकार किया है। “पाकिस्तान को रात में दिन का उजाला दिखाने में ब्रह्मोस ने अहम भूमिका निभाई।”
लखनऊ में हाल ही में शुरू हुई ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुविधा भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में और मजबूत करेगी। “यह भारत और रूस की तकनीक का संगम है, जो हमारी सीमाओं की सुरक्षा का प्रतीक है।”
जवानों का हौसला बढ़ाया, शहीदों को नमन
रक्षा मंत्री ने भुज एयरबेस पर जवानों के साथ मुलाकात को गौरव का क्षण बताया। “आपके बीच आकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। आपने ऑपरेशन सिंदूर में करिश्माई काम किया और देश का मस्तक ऊंचा किया।” उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “मैं उन वीर शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।”
उन्होंने भारतीय वायुसेना की तारीफ करते हुए कहा, “IAF ने न केवल देश का मस्तक ऊंचा किया, बल्कि पूरी दुनिया में इसकी सराहना हो रही है। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम इतना मजबूत है कि दुश्मन के हर हमले को नाकाम कर देता है।”
पाकिस्तान के लिए शायरी के जरिए नसीहत
रक्षा मंत्री ने मशहूर शायर बशीर बद्र की पंक्तियों के जरिए पाकिस्तान को नसीहत दी: “कागज का है लिबास, चिरागों का शहर है, चलना संभल-संभल कर क्योंकि तुम नशे में हो।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान के परमाणु हथियार आतंकी हाथों में पहुंचे, तो यह न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया और पाकिस्तान की जनता के लिए खतरा होगा। “पाकिस्तान खतरे के ढेर पर बैठा है।”
भुज: जीत का साक्षी
रक्षा मंत्री ने भुज को एक बार फिर जीत का साक्षी बताया। “1971 के युद्ध में भुज ने पाकिस्तान को धूल चटाई थी, और अब ऑपरेशन सिंदूर में भी भुज ने इतिहास रचा।” उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
नया भारत, नई नीति
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने युद्ध नीति और तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव किया है। “हमने दिखा दिया कि दुष्ट के साथ विनम्रता बेकार है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अब सरहद के दोनों तरफ जारी रहेगी।” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को “आतंकवाद के माथे पर खींची गई खतरे की लाल रेखा” बताया और कहा, “यह सिंदूर सौंदर्य का नहीं, बल्कि साहस और संकल्प का प्रतीक है।”
देशवासियों में गर्व की भावना
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरे देश में गर्व और जोश का माहौल पैदा किया है। रक्षा मंत्री ने कहा, “पूरी दुनिया ने देखा कि भारत ने पाकिस्तान को कैसे हराया। यह नया भारत है, जो आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।” उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि देश उनके साथ खड़ा है और उनकी वीरता को हमेशा याद रखेगा।