राज्यसभा चुनाव 2026: क्या राजस्थान में फीमेल कार्ड खेलेगी बीजेपी?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद BJP की रणनीति पर सबकी नजर, राजस्थान से महिला उम्मीदवार की दावेदारी तेज
जयपुर, 14 मई 2026 | आगामी राज्यसभा चुनावों में राजस्थान की तीन सीटों पर नजरें टिकी हुई हैं। बीजेपी इस बार नारी शक्ति को मजबूती से भुनाने की तैयारी में है। पार्टी की तरफ से महिला उम्मीदवार उतारने की चर्चाएं जोरों पर हैं, जो न सिर्फ पार्टी की छवि को मजबूत करेगी बल्कि कांग्रेस पर भी दबाव बनाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: BJP vs कांग्रेस
1952 से अब तक राजस्थान से कुल 148 राज्यसभा सांसद चुने गए। कांग्रेस ने आठ महिलाओं को पूरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा भेजा, जिसमें शारदा भार्गव (1952-66, लगातार तीन बार), प्रभा ठाकुर, नारायणी देवी वर्मा, लक्ष्मी कुमारी चुंडावत, ऊषा खान, शांति पहाड़िया, जमना देवी बारुपाल और 2024 में सोनिया गांधी शामिल हैं।
दूसरी ओर, बीजेपी ने अपनी स्थापना से अब तक सिर्फ एक बार महिला उम्मीदवार को राज्यसभा भेजा, “नजमा हेपतुल्ला” (2004-2010), जो कांग्रेस से आईं और उपसभापति भी रहीं। यह आंकड़ा पार्टी के लिए चुनौती बन गया है, खासकर जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरे देश में महिला प्रतिनिधित्व की बहस छेड़ चुका है।
2026 में कौन-कौन दावेदार?
अलका गुर्जर: बीजेपी में महिला उम्मीदवार की दावेदारी सबसे तेज़ अलका गुर्जर के नाम पर है। बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव, पूर्व विधायक (बांदीकुई), गुर्जर समुदाय की प्रभावशाली नेता। उनके पति नाथूसिंह गुर्जर पूर्व मंत्री और सांसद रह चुके हैं। उनका नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
सौम्या गुर्जर: जयपुर की पूर्व मेयर, संघ की पसंद मानी जाती हैं।
महिला मोर्चा की दावेदारी
राखी राठौड़ : राजस्थान BJP महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी की प्रवक्ता, पूर्व पार्षद। हाल ही में नारी शक्ति वंदन पर राष्ट्रीय चैनलों पर डिबेटर के रूप में सक्रिय। राजपूत समुदाय की उपेक्षा की चर्चाओं के बीच उनका नाम मजबूत माना जा रहा है।
वसुंधरा खेमे से
सुमन शर्मा: महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष।
पायल परसरामपुरिया: सिरोही की पूर्व जिला प्रमुख।
अन्य संभावना: भिंडर राजपरिवार की दीपेंद्र कंवर, जो वसुंधरा राजे और महिमा कुमारी की पसंद मानी जाती हैं, हालांकि पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के विरोध के कारण यह दावेदारी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
बीजेपी की रणनीति: महिला मोर्चा को बढ़ावा
बीजेपी ने कई राज्यों में महिला मोर्चा की नेताओं को राज्यसभा भेजा है:
- लक्ष्मी वर्मा (छत्तीसगढ़)
- माया नारोलिया (मध्य प्रदेश)
- गीता शाक्य (उत्तर प्रदेश)
- मेघा कुलकर्णी (महाराष्ट्र)
- आदि।
राजस्थान में भी पार्टी इस परंपरा को तोड़ने और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश कर रही है। तीन सीटों के खाली होने (जून 2026) के साथ नामों पर विचार चल रहा है।
कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस की तरफ से महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रियाज का नाम चर्चा में है। 2024 में सोनिया गांधी के चुनाव के बाद पार्टी महिला कार्ड को फिर से खेल सकती है।
बदलाव की बारी?
2026 का राज्यसभा चुनाव राजस्थान बीजेपी के लिए टेस्ट भी है और मौका भी। अगर पार्टी महिला उम्मीदवार उतारती है तो न सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम को मजबूती मिलेगी, बल्कि विपक्ष पर हमला बोलने का नैतिक आधार भी बनेगा।
क्या BJP इस बार परंपरा तोड़ेगी?
क्या राजस्थान से कोई “सौभाग्यवती” राज्यसभा पहुंचेगी?
समय बताएगा, लेकिन अटकलें अभी से तेज हो चुकी हैं।