सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है। Gold Price में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,030 रुपए घटकर करीब 1.55 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी 3,300 रुपए की कमी दर्ज की गई है और यह 2.62 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
इस साल की शुरुआत में Gold Price ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। 31 दिसंबर 2025 को सोना करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। इसके बाद तेजी का दौर शुरू हुआ और 29 जनवरी 2026 को Gold Price ने 1.76 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई बनाया। हालांकि इसके बाद बाजार में लगातार दबाव देखने को मिला और अब सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 21 हजार रुपए नीचे आ चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Gold Price में आई यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से भी जुड़ी हुई है। दुनिया भर के निवेशक फिलहाल सुरक्षित रणनीति अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से कई बड़े निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी है।
चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। इसके बाद जनवरी में तेजी का दौर आया और 29 जनवरी 2026 को चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऑलटाइम हाई तक पहुंच गई। लेकिन अब चांदी की कीमत घटकर 2.62 लाख रुपए रह गई है। यानी केवल 125 दिनों में चांदी करीब 1.24 लाख रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Gold Price और चांदी की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण निवेशकों की बदली हुई रणनीति है। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय सोने की मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे माहौल में लोग अपने निवेश को बेचकर कैश जमा करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। यही वजह है कि Gold Price पर दबाव बना हुआ है और बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है।
इसके अलावा प्रॉफिट बुकिंग भी एक बड़ा कारण है। जनवरी 2026 में Gold Price और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। ऊंचे दामों पर खरीदारी करने वाले कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूलने के लिए अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों में गिरावट आ गई।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में Gold Price की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता लौटती है तो सोने और चांदी में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए मौजूदा समय राहत भरा माना जा सकता है। रिकॉर्ड हाई से नीचे आने के बाद Gold Price अपेक्षाकृत आकर्षक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं निवेशकों के लिए भी यह समय बाजार की चाल पर नजर रखने का है।
फिलहाल Gold Price और चांदी दोनों अपने उच्चतम स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियां ही तय करेंगी कि बाजार में फिर से तेजी लौटती है या गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
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