असम कांग्रेस को बड़ा झटका! प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट से हारे, BJP के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों से हराया

India Ahead Now | Updated on: May 4, 2026 | 3:33 pm
जयपुर | 4 मई 2026
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और दिग्गज नेता गौरव गोगोई अपनी जोरहाट सीट से भारी मतों के अंतर से हार गए हैं। बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें 23,182 वोटों से पराजित किया है। यह हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि असम कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है।

वोटों का आंकड़ा

  • हितेंद्र नाथ गोस्वामी (बीजेपी): 69,439 वोट
  • गौरव गोगोई (कांग्रेस): 46,257 वोट
  • मतों का अंतर: 23,182 वोट
हार के बाद गौरव गोगोई का चुनाव आयोग पर आरोप
वोटों की गिनती के दौरान पिछड़ने के बाद गौरव गोगोई ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गिनती प्रक्रिया में काफी अनियमितताएं देखने को मिलीं। हालांकि, बीजेपी इस जीत को अपनी रणनीति और जनता के समर्थन का नतीजा बता रही है।
बीजेपी की बंपर जीत, तीसरी बार सरकार बनाने की ओर
असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी 97 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। गुवाहाटी स्थित बीजेपी मुख्यालय पर ढोल-नगाड़े बज रहे हैं और जश्न का सिलसिला जारी है।यह असम में बीजेपी की अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

गौरव गोगोई की हार के मायने

  1. कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे की हार
    गौरव गोगोई असम कांग्रेस के सबसे दिग्गज और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ-साथ उन्हें असम में कांग्रेस को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन वो अपनी खुद की सीट ही नहीं बचा पाए।
  2. पहली बार विधानसभा चुनाव
    गौरव गोगोई इस बार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे। इससे पहले वे लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
  3. 2024 लोकसभा में बड़ी जीत
    गौरव गोगोई ने 2024 लोकसभा चुनाव में जोरहाट सीट पर बीजेपी के तपन कुमार गोगोई को 1,44,393 वोटों के भारी अंतर से हराया था। लेकिन मात्र दो साल बाद उसी क्षेत्र में उन्हें 23 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
  4. कांग्रेस की असम में और कमजोर स्थिति
    गौरव गोगोई की हार के बाद असम कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो गई है। पार्टी अब असम में संगठनात्मक और चुनावी दोनों मोर्चों पर चुनौती का सामना कर रही है।
गौरव गोगोई की हार असम कांग्रेस के लिए न सिर्फ एक व्यक्तिगत हार है, बल्कि पूरे पार्टी संगठन के लिए बड़ा सवाल खड़ा करती है। वहीं, बीजेपी इस जीत के साथ असम में अपनी पकड़ को और मजबूत करने में कामयाब रही है। क्या कांग्रेस असम में खुद को फिर से स्थापित कर पाएगी या बीजेपी का जलवा जारी रहेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।