POK वापसी का मौका गंवाया? AAP ने मोदी सरकार पर लगाया धोखे का आरोप
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र की मोदी सरकार पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को वापस लेने का सुनहरा अवसर गंवाने का गंभीर आरोप लगाया है। भारद्वाज ने दावा किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक सीजफायर की घोषणा कर देश को धोखा दिया। इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह POK को वापस लाने की बड़ी-बड़ी बातें करते थे। बीजेपी नेता चुनावी रैलियों में कहते थे कि POK वापस लाएंगे, इसके लिए जान दे देंगे। लेकिन जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हराने की राह पर कदम बढ़ाया, तब मोदी सरकार ने सीजफायर कर दिया। यह देश के साथ विश्वासघात है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय सेना ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। पाकिस्तान हार रहा था, घबराया हुआ था। ऐसे में सीजफायर का फैसला समझ से परे है। क्या PM मोदी की पाकिस्तान से कोई रिश्तेदारी है? 68 साल से देश को POK के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है, और अब जब मौका आया, तो सरकार पीछे हट गई।“
AAP नेता ने दावा किया कि बीजेपी के अपने कार्यकर्ता भी इस फैसले से हताश और निराश हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं को तिरंगा यात्रा निकालने के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि सीजफायर के फैसले पर उठ रहे सवालों को दबाया जा सके। बीजेपी ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, जिससे कार्यकर्ताओं का भरोसा टूटा है।”
भारद्वाज ने जोर देकर कहा कि POK को भारत में मिलाने का यह ऐतिहासिक अवसर था, जिसे मोदी सरकार ने गंवा दिया। उन्होंने सवाल उठाया, “जब भारतीय सेना POK की ओर बढ़ रही थी, तब अचानक सीजफायर क्यों? क्या यह सरकार की कमजोरी है या कोई और साजिश? देश को जवाब चाहिए।”
AAP के इस बयान से पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी सीजफायर के फैसले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता पर सवाल उठाए थे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर यह कदम उठाया, जिससे भारत की रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की, ताकि इस मुद्दे पर पारदर्शी चर्चा हो सके। उन्होंने कहा, “देश जानना चाहता है कि आखिर क्यों POK को वापस लेने का मौका गंवाया गया। सरकार को देश के सामने सच बताना होगा।”
इस मामले पर अभी तक बीजेपी या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकती है। दूसरी ओर, विपक्ष के तीखे हमलों ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।