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पूर्व प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी का निधन: किसान वर्ग के लिए वो हमेशा करते रहे काम

India Ahead Now | Updated on: October 4, 2025 | 3:53 pm

बीकानेर (छवि फागना) |राजस्थान की राजनीति को गहरा आघात पहुंचाने वाली खबर सामने आई है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी का 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार देर रात बीकानेर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। अगस्त 2023 में ब्रेन हैमरेज होने के बाद से वह कोमा में थे और करीब दो साल से जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे।

डूडी के निधन की खबर मिलते ही प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा, सांसद हनुमान बेनीवाल, विधायक हरीश चौधरी, मनीष यादव और अन्य नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की। अशोक गहलोत ने कहा कि “करीब दो साल से बीमार रहने के बाद इतनी अल्पायु में उनका जाना व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए एक गहरा आघात है। उन्होंने हर भूमिका को ईमानदारी से निभाया और किसान वर्ग के हितों के लिए हमेशा संघर्ष किया।”

राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से:

रामेश्वर डूडी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एनएसयूआई से की थी। 1995 में वे नोखा पंचायत समिति के प्रधान बने। इसके बाद दो बार जिला प्रमुख रहे, एक बार विधायक बने और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य किया। वे बीकानेर लोकसभा सीट से सांसद भी रहे और ‘किसान केसरी’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के किसानों की आवाज बनकर उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

अगस्त 2023 से कोमा में थे:

ब्रेन हैमरेज के बाद उन्हें पहले जयपुर और फिर बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। कुछ समय पहले ही उन्हें बीकानेर लाया गया था, जहां उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

बीकानेर में अंतिम संस्कार आज दोपहर:

डूडी मूल रूप से नोखा के रायसर गांव के निवासी थे। उनकी पत्नी सुशीला डूडी वर्तमान में नोखा से विधायक हैं। बीकानेर के जाट बगीची में आज दोपहर करीब एक बजे उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। डूडी के निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे राजस्थान की राजनीति ने एक सशक्त किसान नेता को खो दिया है।