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National Herald case: सोनिया-राहुल गांधी पर 142 करोड़ की आपराधिक आय का आरोप, ईडी का कोर्ट में सनसनीखेज दावा

National Herald case: Sonia-Rahul Gandhi accused of criminal income of Rs 142 crore, ED makes sensational claim in court
India Ahead Now | Updated on: May 21, 2025 | 2:00 pm
नई दिल्ली, 21 मई 2025: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी ने दावा किया है कि दोनों नेताओं ने कथित तौर पर 142 करोड़ रुपये की आपराधिक आय से लाभ उठाया। कोर्ट ने इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है।
ईडी का सनसनीखेज दावा
ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने कोर्ट में तर्क दिया कि सोनिया और राहुल गांधी, जिनके पास यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) में सामूहिक रूप से 76% हिस्सेदारी है, ने ब्रीच ऑफ ट्रस्ट के जरिए आपराधिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। ईडी के अनुसार, यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 90.25 करोड़ रुपये की संपत्ति को महज 50 लाख रुपये में हासिल किया। इस संपत्ति से उत्पन्न 142 करोड़ रुपये की किराये की आय को ईडी ने अपराध की आय करार दिया है।
वकील ने कहा, “आपराधिक गतिविधि से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त कोई भी संपत्ति अपराध की आय मानी जाएगी। इसमें न केवल अनुसूचित अपराधों से प्राप्त संपत्तियां शामिल हैं, बल्कि उनसे जुड़ी आय भी शामिल है।
चार्जशीट में 988 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
पिछले महीने दाखिल अपनी चार्जशीट में ईडी ने सोनिया, राहुल और अन्य लोगों पर 988 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था। यह चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दायर की गई थी। चार्जशीट में सोनिया गांधी को आरोपी नंबर 1 और राहुल गांधी को आरोपी नंबर 2 बनाया गया है।
ईडी ने अपनी जांच में आयकर विभाग के 2017 के मूल्यांकन आदेश का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रमुख सदस्यों ने AJL और यंग इंडियन के अधिकारियों के साथ मिलकर 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्तियों पर नियंत्रण पाने के लिए आपराधिक साजिश रची।
क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह अखबार स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस पार्टी का मुखपत्र रहा। इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) प्रकाशित करती थी, जिसकी स्थापना 1937 में हुई थी। AJL के पास दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और अन्य शहरों में कई मूल्यवान संपत्तियां थीं, जो सरकारी रियायतों पर मिली थीं।
वित्तीय कठिनाइयों और घाटे के कारण 2008 में अखबार का प्रकाशन बंद हो गया। उस समय AJL पर कांग्रेस पार्टी का 90 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली की एक कोर्ट में शिकायत दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सोनिया और राहुल गांधी ने यंग इंडियन के जरिए AJL की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को धोखाधड़ी से हासिल किया।
आगे क्या?
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। यह मामला न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह गांधी परिवार पर लगे सबसे बड़े वित्तीय अनियमितता के आरोपों में से एक है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस केस के और खुलासे होने की उम्मीद है।
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी ईडी की चार्जशीट और कोर्ट में दिए गए बयानों पर आधारित है। मामले की सुनवाई अभी जारी है, और अंतिम फैसला कोर्ट द्वारा ही लिया जाएगा।
स्रोत: राउज एवेन्यू कोर्ट की कार्यवाही और ईडी की चार्जशीट