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पेट की चर्बी कम करने के लिए घी और ऑलिव ऑयल: कौन है बेहतर?

India Ahead Now | Updated on: October 4, 2025 | 4:48 pm

जयपुर (ऋतूश्री पथरिया)पेट की चर्बी कम करना आजकल कई लोगों की प्राथमिकता है, और इसके लिए सही खान-पान का चयन बेहद जरूरी है। इस संदर्भ में, घी और ऑलिव ऑयल दो ऐसे विकल्प हैं, जिनके बारे में अक्सर चर्चा होती है। लेकिन इनमें से कौन सा बेहतर है? आइए, इनके पोषण और लाभों की तुलना करें।

घी: पारंपरिक सुपरफूड

घी, जिसे देसी घी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है। यह संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) से भरपूर होता है और इसमें मध्यम-श्रृंखला फैटी एसिड (MCT) होते हैं, जो चयापचय को बढ़ाने में मदद करते हैं। घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और सूजन को कम करता है। आयुर्वेद में घी को वजन प्रबंधन और पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है। हालांकि, घी कैलोरी में उच्च होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में (1-2 चम्मच प्रतिदिन) लेना चाहिए। अत्यधिक सेवन से कैलोरी बढ़ सकती है, जो वजन घटाने में बाधा बन सकता है।

ऑलिव ऑयल: हृदय के लिए अनुकूल

ऑलिव ऑयल, विशेष रूप से एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स (MUFA) का उत्कृष्ट स्रोत है। यह हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और सूजन को कम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, जैसे पॉलीफेनॉल्स, चयापचय को बेहतर करते हैं और वसा संचय को रोक सकते हैं। ऑलिव ऑयल को सलाद ड्रेसिंग या हल्के पकवान में उपयोग करना बेहतर है, क्योंकि उच्च तापमान पर इसका पोषण कम हो सकता है। यह भी कैलोरी में उच्च है, इसलिए संयम जरूरी है।

कौन बेहतर?

घी और ऑलिव ऑयल दोनों के अपने फायदे हैं। यदि आप भारतीय व्यंजनों के साथ आयुर्वेदिक दृष्टिकोण चाहते हैं, तो घी अच्छा विकल्प है। वहीं, हृदय स्वास्थ्य और हल्के आहार के लिए ऑलिव ऑयल बेहतर है। दोनों को संतुलित मात्रा में लेने से पेट की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है, बशर्ते आप संपूर्ण आहार और व्यायाम पर ध्यान दें। अपने आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।