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व्हिस्की या वोदका में कोला, सोडा या फ्रूट जूस मिलाना कितना सही?

India Ahead Now | Updated on: October 5, 2025 | 3:31 pm

जयपुर (ऋतुश्री पथरिया)

क्या मिक्सिंग से ड्रिंक की ताकत और असर बदलता है?
बहुत से लोग व्हिस्की या वोदका का स्वाद बेहतर बनाने के लिए उसमें कोला, सोडा या पैकेज्ड फ्रूट जूस मिलाते हैं। यह आदत अब एक ट्रेंड बन चुकी है, खासकर युवाओं के बीच। लेकिन वाइन और ड्रिंक एक्सपर्ट्स की मानें तो इस तरह की मिक्सिंग से ड्रिंक का असर पूरी तरह बदल सकता है। शराब का असली स्वाद, ताकत और शरीर पर पड़ने वाला प्रभाव, मिक्सर के कारण अलग हो सकता है।
कोला या मीठे जूस मिलाने से ड्रिंक का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है, जिससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ता है। इससे लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, और हैंगओवर भी ज्यादा तीव्र हो सकता है। वहीं, सोडा एक हल्का विकल्प हो सकता है, लेकिन यह भी शराब की तेजी से अब्जॉर्प्शन को बढ़ा देता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्यों शराब को स्ट्रेट पीना बेहतर है?
वाइन एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स मानते हैं कि यदि आप ड्रिंक करना ही चाहते हैं, तो उसे उसकी ओरिजिनल फॉर्म में पीना ज्यादा सुरक्षित होता है। जब शराब में दूसरी ड्रिंक्स मिलाई जाती हैं, तो उसका केमिकल कंपोजिशन बदल सकता है। इससे न सिर्फ नशा जल्दी चढ़ता है, बल्कि लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर भी बुरा असर पड़ता है।

साथ ही, पैकेज्ड जूस में प्रिज़र्वेटिव्स और एडेड शुगर होती है, जो शराब के साथ मिलकर शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकती है। इसलिए, अगली बार जब आप ड्रिंक करें, तो सोच-समझकर मिक्सिंग करें, या हो सके तो ऑरिजिनल टेस्ट को ही एन्जॉय करें।