पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 111 उम्मीदवार, रूपा गांगुली मैदान में
पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों तेज गर्मी से भरी हुई है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अब उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 111 नाम शामिल हैं। यह लिस्ट पार्टी की मजबूत तैयारी और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को चुनौती देने की मंशा को साफ दर्शाती है।बीजेपी की इस दूसरी लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा रूपा गांगुली के नाम पर हो रही है। पूर्व राज्यसभा सांसद और बॉलीवुड-टेली सीरियल ‘महाभारत’ में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली मशहूर अभिनेत्री रूपा गांगुली सोनापुर दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। रूपा गांगुली लंबे समय से बीजेपी से जुड़ी हुई हैं और उनकी एंट्री पार्टी के लिए सांस्कृतिक और महिला वोटरों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।इसके अलावा, पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को नोआपारा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। अर्जुन सिंह उत्तर 24 परगना क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं और उनकी उम्मीदवारी बीजेपी को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।लिस्ट में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिला है। बिष्णुपुर (सुरक्षित) सीट से पहले घोषित उम्मीदवार अग्नीश्वर नस्कर की जगह अब विश्वजीत खान को टिकट दिया गया है। यह बदलाव पार्टी की स्थानीय स्तर पर फीडबैक और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।बीजेपी ने जॉयपुर सीट पर बिस्वजीत महतो को समर्थन देने का भी ऐलान किया है। ये उम्मीदवार पार्टी के समर्थित प्रत्याशी के रूप में मैदान में होंगे, जो गठबंधन या स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में कदम है।
ममता बनर्जी vs सुवेंदु अधिकारी: भवानीपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला
पश्चिम बंगाल की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र इस बार भवानीपुर विधानसभा सीट बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम की जगह भवानीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बीजेपी ने यहां सुवेंदु अधिकारी को उतारा है। सुवेंदु अधिकारी पहले ही नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन भवानीपुर में उनकी टक्कर ममता बनर्जी से सीधी होगी।यह मुकाबला महज एक सीट का नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई माना जा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी को चुनौती दी थी, जहां वे हार गई थीं। हालांकि, बाद में भवानीपुर उपचुनाव जीतकर उन्होंने मुख्यमंत्री पद बचाया। अब 2026 में इतिहास दोहराने या बदलने की जंग छिड़ गई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर का नतीजा बंगाल की सियासी दिशा तय कर सकता है। सुवेंदु अधिकारी, जो कभी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी थे, अब उनके सबसे बड़े विरोधी बन चुके हैं। उनकी यह चुनौती बीजेपी की ‘ममता को घेरने’ की रणनीति का हिस्सा है।
चुनावी तैयारियां और अन्य दल
कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने 291 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट जारी कर दी थी। टीएमसी ने लगभग सभी सीटों पर दावेदारी पेश की है, जबकि बीजेपी अब तक दो लिस्टों में काफी संख्या में उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वाम मोर्चा और अन्य दल भी अपनी लिस्ट जारी कर रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच ही दिख रहा है।चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराने का ऐलान किया है—23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे आएंगे। 294 सीटों वाली इस लड़ाई में बीजेपी 2021 के प्रदर्शन (77 सीटें) को बेहतर करने के मूड में है, जबकि टीएमसी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।रूपा गांगुली, अर्जुन सिंह और विश्वजीत खान जैसे नामों की एंट्री से बीजेपी की लिस्ट में विविधता आई है। यह चुनाव बंगाल की राजनीति में नए अध्याय का साक्षी बनेगा, जहां पुरानी दुश्मनियां और नई रणनीतियां आमने-सामने होंगी।