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गुजरात: यात्रियों के लिए यात्रा करना हुआ और आसान, 201 बसें रवाना हुई, CM ने दी बड़ी सौगात- भूपेंद्र पटेल

India Ahead Now | Updated on: October 11, 2025 | 1:32 pm

जयपुर (ज्योति मामनानी)| दिपावली का समय नज़दीक है और इसी बीच गुजरात वासियों के लिए CM भूपेंद्र पटेल ने बड़ी सौगात घोषित की है। असल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के एलआईसी ग्राउंड से गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की 201 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जनता के लिए 201 बसों में 128 सुपर एक्सप्रेस हुई रवाना
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के एलआईसी ग्राउंड से गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की 201 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री की ओर से शुक्रवार को रवाना की गई 201 बसों में 128 सुपर एक्सप्रेस, 68 गुर्जरनगरी और 5 मिडी बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन से राज्य के राजमार्गों पर यात्रियों को सुगमता से यात्रा करने का अवसर मिलेगा। पिछले एक महीने में कुल 500 से अधिक नई बसें सेवा में जोड़ी गई हैं। वहीं दीपावली त्योहार को ध्यान में रखते हुए 4200 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी, जिनमें से 1600 सूरत शहर से और 2600 अन्य जिलों से संचालित होंगी। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और त्योहारों के दौरान उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

बसों की सेवा रक्षाबंधन से दीपावली जैसे त्योहारों के लिए चलाई गई है
राज्य के गृह और परिवहन मंत्री हर्ष संघवी ने कहा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात राज्य परिवहन (जीएसटी) विभाग ने पिछले कई सालों में नियमित मार्गों के अलावा गांवों की मांग के आधार पर अतिरिक्त बस कनेक्शन प्रदान किए हैं। आज जीएसटी विभाग गांवों और शहरों के बीच प्रतिदिन 27 लाख यात्रियों के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 201 अतिरिक्त बसों की शुरुआत की है। यह बसें शनिवार से जनता की सुविधा के लिए उपलब्ध होंगी। जीएसआरटीसी की योजना यात्रियों की मांग के अनुसार और भी अतिरिक्त बसें चलाने की है। इससे पहले भी राज्य सरकार ने त्योहारों के दौरान विशेष बस सेवाएं संचालित की थीं। नवरात्रि के दौरान पावागढ़ के लिए 2239 अतिरिक्त बसें और मटना माध के लिए 2114 अतिरिक्त बसें चलाई गई थीं। रक्षाबंधन पर बसों ने दिनभर में 6400 अतिरिक्त फेरे, जन्माष्टमी पर 7049 फेरे और डाकोर दर्शन के लिए 2934 फेरे लगाए थे।