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कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद मचा हड़कंप: जानिए कब जरूरी है इसका इस्तेमाल और कब नहीं

India Ahead Now | Updated on: October 8, 2025 | 4:35 pm

जयपुर (ऋतुश्री पथरिया)| राजस्थान-मध्यप्रदेश में हादसों के बाद कफ सिरप को लेकर बढ़ी चिंता, डॉक्टर बोले—हर खांसी में सिरप पीना जरूरी नहीं

राजस्थान और मध्यप्रदेश में कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद लोगों में डर और गुस्सा दोनों है। जांच एजेंसियां अब उस कंपनी और सिरप के सैंपल की जांच कर रही हैं, जिससे बच्चों की मौत की असली वजह सामने आ सके। इस घटना ने लोगों के मन में यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर क्या हर बार खांसी-जुकाम में कफ सिरप लेना सही है?
दरअसल, खांसी शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया (रिफ्लेक्स) है, जो गले और फेफड़ों में जमा बलगम या किसी बाहरी तत्व को बाहर निकालने का काम करती है। ऐसे में हर बार खांसी आने पर सिरप पीना जरूरी नहीं होता। कई बार एलर्जी, सर्दी, प्रदूषण या धूल की वजह से भी हल्की खांसी होती है, जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है।

डॉक्टरों का कहना है कि कफ सिरप सिर्फ तभी लिया जाना चाहिए, जब खांसी ज्यादा बढ़ जाए, नींद में बाधा डाले या लगातार कई दिनों तक ठीक न हो। सिरप में मौजूद रासायनिक तत्व जैसे डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन, कोडीन या फिनाइलएफ्रिन छोटे बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं, अगर गलत मात्रा में दिए जाएं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी कफ सिरप न लें। बच्चों को सिरप देने से पहले पेडियाट्रिशन की सलाह लेना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।