पीएम मोदी नेFRCF ने आदमपुर एयरबेस पर, पाक के दावों की खोली पोल; S-400 और राफेल सुरक्षित
जालंधर, 13 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा किया, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय वायुसेना के जवानों को बधाई दी। इस दौरे ने पाकिस्तान के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने आदमपुर एयरबेस और भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने की बात कही थी
जवानों से मुलाकात, S-400 और राफेल की तस्वीरें
प्रधानमंत्री मोदी सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरबेस से आदमपुर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे तक वायुसेना के जवानों और सैनिकों से बातचीत की। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उन्हें बेस की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “आज सुबह मैं वायुसेना स्टेशन आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक विशेष अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी है।”
इन तस्वीरों में पीएम के पीछे S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और मिग-29 फाइटर जेट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। कुछ तस्वीरों में राफेल विमान भी नजर आए। ये तस्वीरें पाकिस्तान के उस दावे को झुठलाती हैं, जिसमें उसने कहा था कि उसकी JF-17 जेट से दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइलों ने आदमपुर में S-400 सिस्टम को नष्ट कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान का झूठ
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, लेकिन भारत के S-400 सिस्टम ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।
10 मई को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाया और S-400 सिस्टम को नष्ट कर दिया। हालांकि, उसी दिन विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने इन दावों को झूठा बताया। पीएम मोदी की तस्वीरों ने अब इस झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
आदमपुर एयरबेस का सामरिक महत्व
आदमपुर एयरबेस, जालंधर से 21 किलोमीटर दूर, उत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य एयरबेस है। भारत-पाकिस्तान सीमा से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह बेस सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां भारतीय वायुसेना की 47वीं स्क्वॉड्रन तैनात है, जिसे ‘ब्लैक आर्चर’ के नाम से जाना जाता है। यह मिग-29 फाइटर जेट का प्रमुख बेस भी है।
1965 के युद्ध में आदमपुर की भूमिका
आदमपुर एयरबेस ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 6 सितंबर 1965 को पाकिस्तानी वायुसेना ने पठानकोट, आदमपुर और हलवारा एयरबेस पर हमला किया, लेकिन भारतीय वायुसेना ने आदमपुर और हलवारा में इन हमलों को विफल कर दिया। अगले दिन, 7 सितंबर को पाकिस्तान ने 135 विशेष कमांडो को पैराशूट से इन बेस पर उतारा। भारतीय सेना और स्थानीय लोगों की मदद से 125 कमांडो या तो मारे गए या गिरफ्तार कर लिए गए, केवल 10 ही वापस लौट पाए।
सीजफायर के बाद पीएम का संबोधन
10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौता हुआ। इसके 51 घंटे बाद, सोमवार रात 8 बजे पीएम मोदी ने 22 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, पहलगाम हमले, आतंकवाद, सिंधु जल समझौते और PoK जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया। हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादी मारे गए।”
पाकिस्तान को कड़ा संदेश
पीएम मोदी का आदमपुर दौरा और S-400 व राफेल के साथ तस्वीरें पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश हैं। यह दौरा न केवल भारतीय सेना के हौसले को बढ़ाने वाला था, बल्कि पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को भी ध्वस्त करने वाला साबित हुआ। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पीएम की इस ‘ट्रोलिंग’ की खूब तारीफ की।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान के झूठे दावों का खंडन भारत की रक्षा तैयारियों और सामरिक क्षमता को दर्शाता है। यह दौरा न केवल जवानों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत स्थिति को भी रेखांकित करता है।