जयपुर (प्रियंका शर्मा)
हार्ट अटैक और सामान्य सीने के दर्द में फर्क समझना है ज़रूरी — समय रहते लक्षण पहचानना बचा सकता है जान। सीने में दर्द महसूस होते ही ज़्यादातर लोग घबरा जाते हैं और इसे हार्ट अटैक समझ लेते हैं। लेकिन हर बार सीने का दर्द दिल की बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार गैस, मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव भी ऐसा दर्द पैदा कर सकता है। असली चुनौती है — कब यह दर्द “मौत की आहट” बन जाता है और कब यह सामान्य है। चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से और यह भी बताते हैं कि हार्ट अटैक को कैसे पहचाना जा सकता है.
1.हार्ट अटैक के दर्द की पहचान कैसे करें
दर्द आमतौर पर सीने के बीच या बाईं ओर महसूस होता है, दर्द दबाव या जलन जैसा होता है, जो बांह, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैल सकता है। जिससे पसीना, सांस फूलना, मतली या उल्टी जैसे लक्षण साथ हो सकते हैं, ये दर्द 15 मिनट से ज़्यादा समय तक रहता है और आराम करने पर भी नहीं जाता।
2.सामान्य (नॉन-कार्डियक) दर्द के संकेत
गैस, एसिडिटी या बदहजमी से होने वाला दर्द अक्सर खाने के बाद बढ़ता है जिससे शरीर के हिलने या पोज़िशन बदलने से दर्द में फर्क पड़ता है। दर्द तेज या चुभन भरा हो सकता है लेकिन आमतौर पर कुछ मिनटों में कम हो जाता है। साथ ही गहरी सांस लेने या खांसने पर दर्द बढ़ सकता है — जो मांसपेशियों या फेफड़ों से जुड़ा हो सकता है।
3.कब डॉक्टर के पास जाएं
अगर सीने में दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या ठंडा पसीना आ रहा हो।
दर्द 10–15 मिनट से ज़्यादा समय तक बना रहे।
पहले कभी हार्ट प्रॉब्लम रह चुकी हो या परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो।
4.हार्ट अटैक से बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें
रोज़ाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ या वॉक करें।
धूम्रपान और शराब से दूरी रखें।
नमक और तली-भुनी चीज़ों का सेवन सीमित करें।
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
तनाव को कंट्रोल में रखें — योग, मेडिटेशन या म्यूज़िक थेरेपी अपनाएं।
सीने का दर्द हमेशा खतरे की घंटी नहीं होता, लेकिन इसे हल्के में लेना भी खतरनाक है। जरूरी है समझना, पहचानना और समय पर कदम उठाना — क्योंकि कुछ मिनटों की सावधानी पूरी ज़िंदगी बचा सकती है।