जयपुर (ऋतुश्री पथरिया)| शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होगी नई पहल, बच्चों में तकनीकी समझ और भविष्य की स्किल्स विकसित करने पर फोकस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज दुनिया के हर क्षेत्र में तेजी से अपनी जगह बना रही है — फिर चाहे बात हेल्थकेयर की हो, एजुकेशन की या इंडस्ट्री की. ऐसे में भारत सरकार अब बच्चों को शुरुआती स्तर से ही AI की समझ देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के स्कूलों में कक्षा 3 से AI शिक्षा (AI Education) शुरू करने की तैयारी कर ली है. इस बदलाव को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किए जाने की संभावना है।
मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों में टेक्नोलॉजिकल अवेयरनेस और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देना है, ताकि वे भविष्य की नौकरियों और तकनीकी बदलावों के लिए तैयार हो सकें. बताया जा रहा है कि इस कोर्स को इस तरह तैयार किया जाएगा कि छोटे बच्चों को AI की बेसिक समझ, इसके फायदे, और इसके जिम्मेदार उपयोग (Responsible AI Use) के बारे में रोचक और खेल-खेल में जानकारी दी जा सके।
वर्तमान में देश के 18,000 से अधिक CBSE स्कूलों में कक्षा 6 से AI स्किल्स की पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन अब सरकार इसे और नीचे के स्तर तक ले जाने की योजना बना रही है। इससे बच्चों की तकनीकी नींव और भी मजबूत होगी और वे कम उम्र से ही इनोवेशन की दिशा में सोचने लगेंगे।
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह कदम भारत को AI-Driven Economy की दिशा में आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह पहल “नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (NEP 2020)” के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें बच्चों को भविष्य की स्किल्स से लैस करने की बात कही गई है।