जयपुर (छवि फागना)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के युवाओं से वर्चुअल संवाद किया और राज्य को 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी कई अहम योजनाओं का शुभारंभ किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुछ वर्ष पहले उनकी सरकार ने ITI छात्रों के लिए दीक्षांत समारोहों की परंपरा शुरू की थी, जो आज एक नए मुकाम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने देशभर के युवा ITI छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आज का यह समारोह भारत में कौशल को दिए जाने वाले बढ़ते महत्व का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर युवा न सिर्फ पढ़े बल्कि कौशल के साथ आत्मनिर्भर बने।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार जैसे युवा राज्य के विकास के लिए शिक्षा और कौशल का सशक्त संयोजन बेहद जरूरी है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, ताकि राज्य के युवा रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना” के पुनर्गठित संस्करण की शुरुआत की। इस योजना के तहत राज्य के 5 लाख स्नातक युवाओं को दो वर्षों तक प्रति माह 1,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा, जिससे वे अपने करियर निर्माण या स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने “जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय” का उद्घाटन किया, जो उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों और व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला भी रखी, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बिहटा में NIT पटना के नए परिसर का भी लोकार्पण किया, जो तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार तेजी से बदल रहा है और केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को वही अवसर मिलें जो देश के अन्य विकसित राज्यों में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “युवा ही भारत के भविष्य की नींव हैं। कौशल और शिक्षा के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इस कार्यक्रम में बिहार के कई वरिष्ठ अधिकारी, छात्र, शिक्षक और ITI संस्थानों के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े।