जयपुर में 6 मंजिला अवैध इमारत ध्वस्त, Building Collapse का बड़ा खतरा टला
Building Collapse के खतरे के बीच जयपुर में गिराई गई 6 मंजिला बिल्डिंग
राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामगंज क्षेत्र में गुरुवार को नगर निगम ने एक झुकी हुई 6 मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संभावित Building Collapse की आशंका को देखते हुए की गई। सुबह 10:18 बजे जैसे ही इमारत गिराई गई, पूरे इलाके में जोरदार धमाका सुनाई दिया और कुछ ही सेकंड में भवन मलबे में तब्दील हो गया।
नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार यह इमारत काफी समय से असुरक्षित मानी जा रही थी। विशेषज्ञों ने निरीक्षण के बाद चेतावनी दी थी कि कभी भी Building Collapse जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई का फैसला लिया।
ध्वस्तीकरण से पहले पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। संभावित Building Collapse के खतरे को देखते हुए आसपास के 10 से 15 मकानों को खाली कराया गया और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। क्षेत्र में पुलिस बल, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीमें लगातार तैनात रहीं।
बताया जा रहा है कि यह 6 मंजिला इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। नगर निगम के अनुसार नियमों के तहत यहां इतने बड़े निर्माण की अनुमति नहीं थी। अवैध निर्माण और कमजोर संरचना के कारण Building Collapse का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा था।
नगर निगम किशनपोल जोन के उपायुक्त विजेंद्र सिंह ने बताया कि 9 मई को भवन में बड़ी दरारें दिखाई दी थीं। इसके बाद भवन को तुरंत खाली करवा दिया गया। तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया था कि कभी भी Building Collapse हो सकता है और इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार भवन लगभग 10 से 15 साल पुराना था। पहले इसमें चार मंजिलें थीं, लेकिन बाद में पांचवीं और छठी मंजिल का निर्माण किया जा रहा था। अतिरिक्त भार और कमजोर ढांचे के कारण Building Collapse की आशंका और अधिक बढ़ गई थी।
सुबह करीब 8:30 बजे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर निगम के कर्मचारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में भवन के निचले हिस्से को कमजोर करना शुरू किया। लगातार निगरानी इसलिए रखी जा रही थी ताकि किसी अनियंत्रित Building Collapse की स्थिति न बने।
करीब दो घंटे की कार्रवाई के बाद सुबह 10:18 बजे पूरी इमारत नियंत्रित तरीके से सामने की ओर गिरा दी गई। हालांकि सामने स्थित एक भवन को हल्का नुकसान पहुंचा और पास का एक पेड़ भी टूट गया, लेकिन संभावित Building Collapse से होने वाली बड़ी जनहानि टल गई।
इस भवन में 30 से अधिक लोग रहते थे और नीचे दो दुकानें भी संचालित होती थीं। यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो अचानक Building Collapse की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। यही कारण है कि प्रशासन ने पहले सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा ने बताया कि पूरी कार्रवाई सुरक्षा मानकों के तहत की गई। विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया था। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में Building Collapse की आशंका को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के दौरान भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद भवन का निर्माण जारी रखा गया। नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण आखिरकार Building Collapse के खतरे की बड़ी वजह बने।
फिलहाल मलबा हटाने का कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि शहर में ऐसे अन्य भवनों की भी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी Building Collapse जैसी घटना को रोका जा सके। समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और कई लोगों की जान बचा ली।