जयपुर। आज के समय में जहां अधिकांश छोटे बच्चे मोबाइल फोन, टीवी और डिजिटल स्क्रीन की दुनिया में व्यस्त रहते हैं, वहीं जयपुर की महज 2 वर्षीय प्रिशा शर्मा ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और आध्यात्मिक रुचि के दम पर एक अनूठी पहचान बनाई है। इतनी कम उम्र में 30 से अधिक धार्मिक मंत्र याद कर लेने वाली प्रिशा का नाम International Book of Records में दर्ज किया गया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जयपुर शहर को गौरवान्वित किया है।
प्रिशा शर्मा की इस उपलब्धि को एक बड़ी Talent के रूप में देखा जा रहा है। इतनी कम उम्र में जिस तरह उन्होंने मंत्रों को याद किया और उनका शुद्ध उच्चारण किया, वह लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। परिवार के अनुसार प्रिशा बचपन से ही धार्मिक माहौल में पली-बढ़ी हैं और यही वातावरण उनकी विशेष Talent को निखारने में सहायक बना।
जानकारी के अनुसार, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान प्रिशा ने छह धार्मिक मंत्रों का स्पष्ट और शुद्ध उच्चारण कर अपनी अद्भुत Talent का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से मूल्यांकन करने वाली टीम भी प्रभावित हुई। इसके बाद संस्था ने उनका नाम रिकॉर्ड बुक में शामिल करते हुए उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
प्रिशा की मां आरवी शर्मा ने बताया कि बेटी की यह सफलता उसकी निरंतर विकसित हो रही Talent का परिणाम है। उन्होंने कहा कि घर में नियमित रूप से पूजा-पाठ होता है और परिवार के सदस्य प्रतिदिन विभिन्न मंत्रों का जाप करते हैं। इसी कारण बचपन से ही प्रिशा धार्मिक ध्वनियों और मंत्रों से परिचित होती गई। धीरे-धीरे उसकी Talent सामने आने लगी और उसने मंत्रों को याद करना शुरू कर दिया।

परिवार के अनुसार जब प्रिशा लगभग 20 महीने की थी, तब उसने पहली बार स्वयं गायत्री मंत्र बोलने का प्रयास किया। यह देखकर परिवार के सदस्य हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने उसकी रुचि को समझते हुए उसे अलग-अलग धार्मिक मंत्र सुनाने शुरू किए। प्रिशा की Talent इतनी तेज थी कि उसने कम समय में ही कई मंत्र याद कर लिए। वर्तमान में उसे 30 से अधिक धार्मिक मंत्र कंठस्थ हैं।
सबसे खास बात यह है कि प्रिशा केवल मंत्रों को याद ही नहीं करती, बल्कि उनका स्पष्ट उच्चारण भी करती है। उसकी यह Talent उसे अपनी उम्र के अन्य बच्चों से अलग बनाती है। परिवार का कहना है कि कई बार लोग उसकी उम्र जानने के बाद विश्वास ही नहीं कर पाते कि इतनी छोटी बच्ची इतने मंत्र याद रख सकती है।
धार्मिक मंत्रों के अलावा प्रिशा अन्य क्षेत्रों में भी अपनी Talent का परिचय दे रही है। परिजनों के मुताबिक उसे 80 से अधिक बॉडी पार्ट्स के नाम याद हैं। इसके साथ ही वह अंग्रेजी अल्फाबेट पहचानती है, रंगों की जानकारी रखती है और 1 से 30 तक की गिनती भी आसानी से बोल लेती है। उसकी सीखने की क्षमता और तेज स्मरण शक्ति उसकी असाधारण Talent को दर्शाती है।
प्रिशा की उपलब्धि के बाद परिवार अब उसे आगे भी प्रोत्साहित करने की तैयारी कर रहा है। उनकी मां ने बताया कि जल्द ही एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आवेदन करने की योजना बनाई जा रही है। परिवार को विश्वास है कि प्रिशा की Talent उसे वहां भी नई सफलता दिला सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के शुरुआती विकास में पारिवारिक वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि बच्चों को सकारात्मक माहौल और सीखने के अवसर मिलें तो उनकी Talent कम उम्र में ही सामने आ सकती है। प्रिशा इसका जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई हैं।
प्रिशा शर्मा की यह सफलता उन अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा है जो अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास की कामना करते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि बच्चों पर केवल तकनीक का प्रभाव ही नहीं पड़ता, बल्कि संस्कार, पारिवारिक सहयोग और नियमित अभ्यास भी उनकी छिपी हुई Talent को निखार सकते हैं।
आज प्रिशा की उपलब्धि पूरे जयपुर के लिए गर्व का विषय बन चुकी है। इतनी कम उम्र में रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराकर उन्होंने साबित कर दिया है कि सही दिशा, परिवार का साथ और निरंतर प्रयास किसी भी Talent को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। यही कारण है कि प्रिशा की सफलता की चर्चा अब शहर ही नहीं, बल्कि राज्यभर में हो रही है।
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