Breaking News

इंटरमिटेंट फास्टिंग: क्या महिलाओं और पुरुषों पर इसका असर एक जैसा होता है?

India Ahead Now | Updated on: October 7, 2025 | 2:26 pm

जयपुर (ऋतुश्री पथरिया)| वजन घटाने से आगे बढ़कर, जानें कैसे अलग-अलग लिंग पर फास्टिंग डालती है अलग प्रभाव

इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting)
आजकल फिटनेस और हेल्थ जगत में बेहद लोकप्रिय ट्रेंड बन चुका है। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि ब्लड शुगर कंट्रोल, हार्मोन बैलेंस और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या इसका असर महिलाओं और पुरुषों पर समान होता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका उत्तर ‘नहीं’ है।
पुरुषों पर इंटरमिटेंट फास्टिंग का असर आम तौर पर सकारात्मक देखा गया है। उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर स्थिर रहता है, जिससे मसल्स ग्रोथ और फैट बर्निंग बेहतर होती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि पुरुषों में इंसुलिन सेंसिटिविटी भी बेहतर होती है, जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है।
वहीं, महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बैलेंस का मुद्दा थोड़ा जटिल होता है। लंबे समय तक उपवास करने से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। खासकर प्रजनन आयु की महिलाओं में बहुत लंबे फास्ट से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं या थकान महसूस हो सकती है। हालांकि, यदि फास्टिंग को सीमित समय और संतुलित आहार के साथ किया जाए, तो यह महिलाओं के लिए भी ब्लड शुगर कंट्रोल और सूजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, इंटरमिटेंट फास्टिंग सभी के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका तरीका और समय व्यक्ति की जरूरतों और शरीर के अनुसार तय होना चाहिए। महिलाओं को खासतौर पर अपने हार्मोनल स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए इसे अपनाना चाहिए।