Virat Kohli और Rajat Patidar की Success से RCB फिर बनी चैंपियन 

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India Ahead Now | Updated on: June 1, 2026 | 2:19 pm

Virat Kohli और Rajat Patidar की Success से RCB फिर बनी चैंपियन

RCB Success Story: 18 साल का इंतजार खत्म, लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर रचा इतिहास

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का खिताब जीतकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में अपनी बादशाहत साबित कर दी है। गुजरात के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में 5 विकेट से जीत दर्ज कर RCB ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। यह जीत केवल एक खिताब नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य और बेहतरीन Success का परिणाम है।

कभी IPL की सबसे चर्चित लेकिन खिताब से दूर रहने वाली टीम मानी जाने वाली RCB ने अब अपनी पहचान पूरी तरह बदल दी है। 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार करने के बाद टीम ने लगातार दो सीजन में खिताब जीतकर नई मिसाल कायम की है। यह ऐतिहासिक Success कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में संभव हो सकी।

लगातार दूसरा IPL खिताब जीतने वाली RCB टीम।

रजत पाटीदार IPL इतिहास के उन चुनिंदा कप्तानों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने लगातार दो बार अपनी टीम को चैंपियन बनाया। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के नाम थी। उनकी कप्तानी की Success का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और आत्मविश्वास से भरी नजर आई।

RCB की इस Success की सबसे बड़ी वजह टीम का सामूहिक प्रदर्शन रहा। इस सीजन टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने लगातार रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने अहम भूमिका निभाई।

विराट कोहली का प्रदर्शन इस Success की नींव साबित हुआ। उन्होंने पूरे सीजन में 16 मैच खेलकर 675 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 165.84 रहा और उन्होंने एक शतक तथा पांच अर्धशतक भी लगाए। फाइनल मुकाबले में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

कप्तान रजत पाटीदार ने भी अपनी बल्लेबाजी से टीम की Success में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और 192.69 के शानदार स्ट्राइक रेट से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को मजबूती प्रदान की।

इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए, जो टीम की Success का प्रमुख आधार बना। इसके अलावा वेंकटेश अय्यर ने भी जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। फाइनल में उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने मैच का रुख RCB की ओर मोड़ दिया।

गेंदबाजी विभाग में भी टीम की Success साफ दिखाई दी। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए। रसिख सलाम ने 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया, जबकि जोश हेजलवुड ने सीमित मैच खेलने के बावजूद महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

स्पिन विभाग में क्रुणाल पंड्या टीम की Success के प्रमुख नायकों में शामिल रहे। उन्होंने बल्ले से 226 रन बनाने के साथ-साथ 14 विकेट भी हासिल किए। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने कई मुकाबलों में RCB को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

RCB की Success का एक और बड़ा कारण टीम के पास मौजूद कई मैच विनर्स रहे। पूरे सीजन में टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ियों ने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। इससे साफ हो गया कि टीम की जीत किसी एक स्टार खिलाड़ी पर निर्भर नहीं थी।

विराट कोहली ने सबसे ज्यादा तीन बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता, जबकि जोश हेजलवुड दो बार इस सम्मान के हकदार बने। इसके अलावा टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट ने भी यह पुरस्कार हासिल किया। यही सामूहिक Success RCB को बाकी टीमों से अलग बनाती है।

घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन भी टीम की Success का महत्वपूर्ण कारण रहा। RCB ने अपने होम ग्राउंड पर खेले गए 7 में से 6 मुकाबले जीते। चिन्नास्वामी स्टेडियम और रायपुर में टीम ने विपक्षी टीमों पर दबदबा बनाए रखा।

इस पूरे सीजन में विराट कोहली का निरंतर प्रदर्शन भी टीम की Success का बड़ा आधार रहा। लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाकर उन्होंने अपनी फिटनेस, अनुभव और निरंतरता का शानदार उदाहरण पेश किया।

RCB की इस ऐतिहासिक Success ने यह साबित कर दिया कि IPL केवल स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम संयोजन, संतुलित गेंदबाजी, कई मैच विनर्स और प्रभावी कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाती है। लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर RCB ने न सिर्फ अपने आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि IPL इतिहास में अपनी एक नई पहचान भी स्थापित कर दी है।

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