तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय की 648 करोड़ की दौलत: देश के दूसरे सबसे अमीर सीएम
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय न सिर्फ राजनीति में नई पहचान बना रहे हैं, बल्कि अपनी भारी-भरकम संपत्ति के लिए भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, विजय के पास 648.85 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है, जो उन्हें तमिलनाडु का दूसरा सबसे अमीर विधायक और देश का दूसरा सबसे रईस मुख्यमंत्री बनाती है।
देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री: चंद्रबाबू नायडू टॉप पर
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू अभी भी देश के सबसे अमीर सीएम बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है। विजय उनसे काफी पीछे हैं, लेकिन दूसरे स्थान पर मजबूती से काबिज हैं।
तमिलनाडु के सबसे अमीर विधायक कौन?
- नंबर 1: लीमा रोज मार्टिन (AIADMK, लालगुड़ी सीट) – 5,863 करोड़ रुपये
- नंबर 2: विजय (तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री) – 648.85 करोड़ रुपये
- नंबर 3: आधव अर्जुन (TVK) – 534 करोड़ रुपये
विजय के पास क्या-क्या है? विस्तार से जानिएकुल संपत्ति: ₹648.85 करोड़
चल संपत्ति:₹426.20 करोड़
अचल संपत्ति:₹222.65 करोड़
कुल देनदारी: ₹7.63 करोड़
1. बैंक बैलेंस और निवेश
- बैंक जमा: ₹330.48 करोड़
- शेयर/म्यूचुअल फंड: ₹19.37 लाख
- दिए गए कर्ज: ₹75.50 करोड़ (दूसरों को उधार)
2. वाहन संग्रह
- कुल 7 गाड़ियां – कीमत ₹13.52 करोड़
- सबसे महंगी कार: Tata Caravan (₹6 करोड़ से ज्यादा)
3. सोना-चांदी और जेवरात
- ₹6.47 करोड़ के सोने-चांदी के गहने
4. अचल संपत्ति (प्रॉपर्टी)
- कुल कीमत: ₹222 करोड़+
- बंगले: ₹117 करोड़ (विजय के नाम पर 10 बंगले + पत्नी के नाम पर 1 बंगला)
- कमर्शियल बिल्डिंग: ₹82.81 करोड़
- कृषि भूमि: ₹20 लाख
- अन्य जमीन: ₹22 करोड़
चंद्रबाबू नायडू की संपत्ति का ब्रेकअपकुल संपत्ति: ₹931.83 करोड़
चल संपत्ति: ₹810.42 करोड़
अचल संपत्ति: ₹121.41 करोड़
देनदारी: ₹10.38 करोड़
मुख्य संपत्तियां:
- शेयर और बॉन्ड: ₹767.44 करोड़
- जेवरात: ₹3.24 करोड़
- कृषि भूमि: ₹55 करोड़
- कमर्शियल बिल्डिंग: ₹30 करोड़+
- दो बंगले: ₹35.53 करोड़
- प्लॉट: ₹77.33 लाख
विजय हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने हैं और उनकी पार्टी TVK ने अच्छा प्रदर्शन किया। इतनी बड़ी संपत्ति होने के बावजूद विजय पर केवल 7.63 करोड़ रुपये की ही देनदारी है, जो उनके वित्तीय प्रबंधन को मजबूत दिखाती है।चंद्रबाबू नायडू की संपत्ति का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार और निवेश से आता है, जो उन्हें अभी भी नंबर 1 बनाए हुए है।