श्रीनगर: बुधवार शाम जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा हवाई हादसा उस वक्त टल गया, जब दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2142 को खराब मौसम और ओलावृष्टि के चलते बीच हवा में भयंकर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। उड़ान में 227 यात्री सवार थे, जिन्हें पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित श्रीनगर एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग के जरिए बचा लिया गया।
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के मुताबिक, विमान को शाम 6:30 बजे सुरक्षित उतारा गया। हालांकि इस दौरान विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। एयरलाइन ने इसे एओजी (एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड) घोषित कर दिया है और डीजीसीए ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्लाइट को रास्ते में अचानक ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा था, लेकिन क्रू ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। विमान उतरने के बाद एयरपोर्ट पर मेडिकल और इमरजेंसी टीम ने यात्रियों की देखभाल की।
फ्लाइट में सवार यात्री शेख समीउल्लाह (सीईओ, फास्टबीटल) ने बताया कि शुरू में मौसम सामान्य था, लेकिन जम्मू के पास पहुंचने पर अचानक सीटबेल्ट बांधने का निर्देश मिला। कुछ ही पलों में विमान ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं हिचकोले खाने लगा। रडार ने दिखाया कि विमान 35,000 फीट से गिरकर 31,000 फीट तक नीचे आ गया। समीउल्लाह ने इसे जीवन का सबसे भयावह अनुभव बताया और कहा कि उतरने के बाद विमान के क्षतिग्रस्त अगले हिस्से को देखकर सभी स्तब्ध रह गए।