राहुल गांधी का Paper Leak बिल पर लोकसभा में 50 मिनट का संबोधन

Paper Leak
India Ahead Now | Updated on: July 29, 2026 | 2:23 pm

राहुल गांधी का Paper Leak बिल पर लोकसभा में 50 मिनट का संबोधन

‘इडियट’ शब्द पर हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 यानी Paper Leak से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट तक सदन को संबोधित करते हुए Paper Leak के मुद्दे, छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उनके भाषण के दौरान “इडियट” शब्द के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी।

छात्रों के आंदोलन और Paper Leak का मुद्दा

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतर आया था और लाखों छात्र Paper Leak से परेशान होकर न्याय की मांग कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेताओं को भी अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि Paper Leak ने युवाओं के भविष्य पर कितना बड़ा असर डाला है। उनके अनुसार छात्रों के प्रदर्शन में गुस्सा था, लेकिन नफरत नहीं थी, वे केवल अपनी आवाज उठाना चाहते थे।

शिक्षा व्यवस्था पर राहुल का हमला

राहुल गांधी ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले Paper Leak से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे Paper Leak मामलों ने युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर कर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल नया कानून बनाने से Paper Leak जैसी गंभीर समस्या खत्म नहीं होगी, जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती।

RSS और विश्वविद्यालयों पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर वैचारिक प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं और छात्रों ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी भी तरह की अंधभक्ति स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि Paper Leak की घटनाओं ने छात्रों के भीतर व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर दिया है और सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

गृह मंत्री को लेकर दिया बयान

भाषण के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी और छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

इस बयान पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी तथ्य के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

रिजिजू ने कहा कि गोली चलने जैसा आरोप बेहद गंभीर है और राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। विपक्षी सांसदों ने इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी और “राहुल गांधी को बोलने दो” के नारे लगाए।

‘इडियट’ शब्द पर मचा विवाद

राहुल गांधी के भाषण के दौरान “इडियट” शब्द के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसदों ने इसे असंसदीय बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने यह शब्द किसी सांसद के लिए इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संबंधित शब्द को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

लोकसभा में असंसदीय शब्दों का नियम

लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए “इडियट” शब्द को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।

लोकसभा के नियम 380 के अनुसार यदि किसी सदस्य द्वारा बोले गए शब्द मानहानिकारक, अशोभनीय, असंसदीय या सदन की गरिमा के प्रतिकूल हों, तो अध्यक्ष उन्हें रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दे सकते हैं। नियम 381 के तहत हटाए गए शब्दों को रिकॉर्ड में तारांकन (****) के साथ दर्ज किया जाता है।

Paper Leak बिल पर दूसरे दिन भी जारी रही बहस

Paper Leak से जुड़े इस संशोधन विधेयक पर संसद में लगातार दूसरे दिन चर्चा हुई। मंगलवार को करीब 9 घंटे तक बहस चली थी।

पहले दिन सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने Paper Leak बिल का पक्ष रखा था। वहीं विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई सांसदों ने अपनी बात रखी।

सरकार का कहना है कि नया कानून Paper Leak रोकने, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से Paper Leak की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधार भी जरूरी हैं।

राहुल गांधी के भाषण के बाद Paper Leak का मुद्दा एक बार फिर संसद के केंद्र में आ गया है। अब इस विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

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